Thursday, March 9, 2017

ये काढ़ा पीने से नहीं करानी पड़ेगी एंजियोप्लास्टी, जानें और भी फायदे


कई रोगों में कारगर अलसी का काढ़ा। दो चम्मच अलसी के बीजों को दो कप पानी में मिक्स करें और आधा रह जाने तक उबालें। तैयार काढ़ा छान लें और थोड़ा ठंडा होने पर इसे पीएं।
- अलसी का काढ़ा नियमित रूप से तीन महीने तक पीने से हृदय की धमनियों में रुकावट दूर होती है। अलसी में लिगनेंस एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कैंसर, डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम के रिस्क को कम करते हैं।


अलसी में ओमेगा-3 फेटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, लिगनेन, विटामिन बी ग्रुप, सेलेनियम, पोटेशियम, मेगनीशियम, जिंक आदि होते हैं।

लसी को डब्ल्यूएचओ ने सुपर फूड माना है। अलसी बॉडी को डिटॉक्सीफाई भी करती है। बॉडी को एनर्जी देती है। इसके सेवन से कैंसररोधी हार्मोन्स की सक्रियता बढ़ती है।

Friday, October 16, 2015

दुबलेपन से न हों परेशान, वजन और Fat बढ़ाने में फायदेमंद हैं ये 15 टिप्स

लाइफस्टाइल डेस्कः हैंगर में टंगे कपड़े, कमजोर पहलवान आदि जैसे टीजिंग के अगर आप भी कभी शिकार हुए हैं, तो इसके पीछे की वजह से आप बखूबी वाकिफ होंगे। एक तरफ जहां दुनिया के 70 प्रतिशत लोग वजन बढ़ने से परेशान हैं, तो वहीं 20 प्रतिशत अपने दुबलेपन से परेशान हैं। सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ही हेल्दी लाइफ एन्जॉय कर रहे हैं। कमजोरी से फर्क सबसे पहले शरीर के बाहरी हिस्से पर दिखता है। हड्डियां दिखने के साथ ही गाल अंदर की ओर धंसते चले
जाते हैं और धीरे-धीरे कमजोर शरीर कई प्रकार की बीमारियों से भी ग्रस्त हो जाता
है। कुछ महिलाएं अक्सर शादी से पहले दुबलेपन की समस्या से परेशान रहती हैं। तो ऐसे में क्या खाएं, कौन-सी एक्सरसाइज अपनाएं, जिससे कम समय में दुबलेपन से छुटकारा मिले। इन सभी प्रॉब्लम्स के लिए दिए जा रहे हैं कुछ टिप्स....
दुबलेपन की समस्या को दूर करने के टिप्स
1. दिन की शुरुआत हल्के-फुल्के एक्सरसाइज और योग से करें, क्योंकि इससे भूख बढ़ती है।
2. एक्सरसाइज के तौर पर मॉर्निंग वॉक भी किया जा सकता है। फ्रेश एयर के साथ ही मेटाबॉलिज्म भी सही रहेगा।
3. ब्रेकफास्ट में दूध, मक्खन और घी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। हेल्दी रखने के साथ ही ये वजन बढ़ाने में मददगार होते हैं।
4. प्रोटीन एनर्जी का अच्छा स्रोत होता है। इसके लिए दाल, फिश, चिकन, मटन और अंडा खाना ठीक रहेगा।
5. किशमिश रात में भिगों दें और सुबह खाएं। दो-तीन महीने में फर्क नजर आने लगेगा। साथ ही, किशमिश फैट को हेल्दी कैलोरी में बदलने का काम करता है।
 
6. दुबलेपन को दूर करने के लिए अखरोट खाना भी अच्छा ऑप्शन रहेगा, क्योंकि इसमें मोनो अनसैचुरेटेड फैट होता है। यह काफी फायदेमंद होता है।
7. केले को संपूर्ण आहार माना गया है। रोजाना तीन-चार केले खाने से जल्द ही फर्क दिखाई देने लगता है।
8. आलू की मात्रा को भी खाने में बढ़ाएं। आलू कार्बोहाइड्रेट का खजाना है। इसे खाकर जल्द ही वजन बढ़ाया जा सकता है।
9. कुछ दिनों के लिए खाने को सरसों और रिफाइंड तेल में न पकाकर नारियल तेल में पकाएं। नारियल तेल भी दुबलेपन की समस्या को दूर करने में फायदेमंद होती है।
10. डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, दही और पनीर में फैटी एसिड्स मौजूद होते हैं और साथ ही बहुत ज्यादा मात्रा में कैलोरी भी। अलग-अलग तरीकों से इनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
 
11. वजन बढ़ाने के लिए चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट आदि से दूर रहना बहुत जरूरी है।
12. भरपूर नींद लें। 7-8 घंटे की नींद लेने से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।
13. खजूर को या छुहारे को दूध में उबालें। रात को सोने से पहले अच्छे से चबाकर खाएं और दूध पी लें। दो-तीन महीने तक लगातार खाने से फायदा होगा।
14. दूध में शहद डालकर पीना भी फायदेमंद होता है।
15. कब्ज, अपच और गैस की समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि कई बार कमजोरी के पीछे ये कारण भी होते हैं।
 

दुबलेपन का कारण
कमजोरी शरीर के पीछे कई वजहें होती हैं, जिन्हें जानना बहुत ही जरूरी है।
1. ज्यादातर इसके पीछे वंशानुगत समस्या होती है, जिसे हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर काफी हद तक सॉल्व किया जा सकता है।
2. ब्लड की कमी होने से भी दुबलेपन की समस्या हो सकती है।
3. एक्सरसाइज करते वक्त समय और पोजिशन का खास ध्यान रखें।
4. हॉर्मोन्स की गड़बड़ी से भी शरीर कमजोर होने लगता है।
5. स्ट्रेस, किसी प्रकार की चिंता और नींद की कमी एकदम से घटते वजन के पीछे की वजह होती है।
 

Friday, November 21, 2014

ठंड में जुकाम और सर्दी से बचाएंगे ये घरेलू नुस्खे

ठंड में जुकाम और सर्दी से बचाएंगे ये घरेलू नुस्खे
किशमिश के लाभकारी गुण
 
1.थोडा अदरक, अजवाइन 1 चम्मच, लौंग 5, काली मिर्च 3, मेथी 1 चम्मच, तुलसी और पुदीना पत्ती 10। इन सबका काढ़ा बनाकर, खांडसारी मिलाकर दिन में दो बार लेना चाहिए। इससे सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां दूर रहती हैं। 
 
2. किशमिश को पीस कर पामी के साथ पेस्ट बना लें। इसमें चीनी डालकर उबालें और ठंडा होने के लिए छोड़ दें। रोज रात में सोने से पहले एक चम्मच लेने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है।
 
3.अदरक के टुकडों का काढ़ा 20 मिली से 30 मिली दिन में तीन बार लेने से सर्दी से आराम मिलता है।
 
 4.यदि नाक बंद है तो दालचीनी, कालीमिर्च, इलायची और जीरे को बराबर मात्रा में लेकर एक सूती कपड़े में बांध लें और इन्हें बार-बार सूंघें। इससे छींक आएगी और बंद नाक खुल जाएगी।
 
5.10 ग्राम लहसुन को 1 कप दूध में 1/2 कप होने तक उबालें। इसे शाम को सोते समय या नाश्ते के पहले लें।
 
6.सर्दी-जुकाम में तुलसी बहुत कारगर है। इसीलिए तुलसी के पत्तों को चबाकर खाएं या फिर पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर पिएं। दोनों ही हाल में फायदा होगा। 

 7.काली मिर्च जलाकर उसका धुआं सूंघने से बंद नाक खुलती है।
 ठंड में जुकाम और सर्दी से बचाएंगे ये घरेलू नुस्खे
संतरा
 
विटामिन सी से भरपूर संतरा सर्दियों के लिए बहुत अच्छा फल है। संतरे में मौजूद पोटैशियम, फोलिक एसिड, कैल्शियम, कोलेस्ट्रॉल, और ग्लूकोज हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है। इसे खाने से थकान एवं तनाव दूर होता है। यह दिल और दिमाग दोनों को ताजगी देता है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम और खनिज लवण दांतों और हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं। साथ ही यह इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रॉंन्ग बनाता है। 

ठंड में जुकाम और सर्दी से बचाएंगे ये घरेलू नुस्खे
ड्राई फ्रूट्स
 
सर्दियों के मौसम में सूखे मेवे खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन, फाइबर, फोलिक एसिड, विटामिन ई, विटामिन बी-6 और खनिज पदार्थ की भरपूर मात्रा होती है। सूखे मेवों के सेवन से दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कई तरह की बीमारियां भी दूर होती हैं। इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट और कई विटामिन्स पाए जाते हैं, जो बढ़ती उम्र में भी आपको चुस्त-दुरुस्त रखते हैं। साथ ही, आपका मूड भी फ्रेश रखते हैं। 

ठंड में जुकाम और सर्दी से बचाएंगे ये घरेलू नुस्खे
खांसी और सर्दी लगने पर पान के पत्ते हैं उपयोगी
 
1-सर्दी, खांसी और जुकाम होने पर सेंकी हुई हल्दी का टुकड़ा पान में डालकर खाने से आराम मिलता है। साथ ही, जिन्हें रात को अधिक खांसी होती हो, उन्हें पान में अजवायन डालकर खाने से फ़ायदा होता है। बच्चों को ज्यादा सर्दी लगी हो तो पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर हल्का गर्म करके सीने पर रखने से आराम मिलता है।
 
2-लगभग 15 पान की पत्तियों को तीन कप पानी में डालकर उबाला जाए और इस पानी का सेवन शहद के साथ किया जाए, तो पुराना से पुराना कफ भी निकल जाता है और खांंसी में काफी राहत मिलती है।

Friday, October 31, 2014

सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS

सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS
लाइफस्टाइल डेस्क: सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं और अपने साथ लेकर आई है बीमारियां। पूरी तरह से सर्दियां आने से पहले ही गले में दर्द, खराश, खांसी, जुकाम, बुखार दस्तक दे चुके हैं। ऐसे में जरूरत है खुद को प्रोटेक्ट रखा जाए। कई बार खुद को प्रोटेक्ट रखने के बावजूद ये बीमारियां शरीर को लग ही जाती हैं। ऐसे में जरूरत है खुद के लिए सही फूड चुनने की, ताकि बदलता मौसम आपको बीमार न कर पाए। आज हम आपको सर्दियों के 10 फूड बता रहे हैं, जिन्हें आप जरूर खाएं।
 
1. मूंगफली
 
नमक वाली मूंगफली हो या फ्राई की हुई, सर्दियों में मूंगफली सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं। यह आयरन, नियासिन, फोलेट, कैल्शियम और जिंक का अच्छा स्रोत है। वहीं, इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन्स, मिनिरल्स आदि तत्व इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं। इसे खाने से शरीर को कई फायदे होते हैं, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखती है। इसीलिए सर्दियों में इसे जरूर खाएं।   
सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS 
 2. सेब
 
सेब एंटीऑक्सीडेंट से भरा होता है, जो सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। यह एनीमिया और कैंसर के खतरे को कम करता है। डायबिटीज और डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करता है। कोलेस्ट्रोल और वजन को कंट्रोल करता है। इम्यून सिस्टम को अच्छा रखता है। लीवर और दांतों को स्वस्थ्य रखता है। हड्डियों को मजबूत रखने के साथ ही यह शरीर में एनर्जी को बढ़ाता है। 
सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS
3. गाजर
 
गाजर शरीर में विटामिन ए की कमी को दूर करता है। इसकी कमी से आंखों की बीमारियां, त्वचा में सूखापन, बालों का टूटना, नाख़ून खराब होना आदि होते हैं| विटामिन 
ए हमारे शरीर की हड्डियों और दांतों के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। गाजर फेफड़ों के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और कोलोन कैंसर के खतरे को भी कम करती है। 
सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS
4. ड्राई फ्रूट्स
 
सर्दियों के मौसम में सूखे मेवे खाना शरीर और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है। ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन, फाइबर, फोलिक एसिड, विटामिन ई, विटामिन बी-6 और 
खनिज पदार्थ की भरपूर मात्रा होती है। सूखे मेवों के सेवन से दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कई तरह की बीमारियां भी दूर होती हैं। इनमें एंटी ऑक्सीडेंट और कई विटामिन्स पाए जाते हैं, जो बढ़ती उम्र में भी आपको चुस्त-दुरुस्त रखते हैं। साथ ही आपका मूड भी फ्रेश रखते हैं। 
सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS
5. अमरूद
 
यह सर्दियों का फल है। सस्‍ते होने के साथ-साथ इसमें स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कई लाभदायक गुण भी होते हैं। जैसे- मुंह के छालों से आराम दिलाता है, आंखों को हेल्दी रखता है, स्किन को ग्लोइंग बनाता है, मोटापा कम करता है, कब्ज़ से छुटकारा दिलाता है। इतना ही नहीं यह नशे को भी कम करता है। 
सर्दियों में रहना है फिट, तो खाएं ये 7 FOODS
6. संतरा
 
विटामिन सी से भरपूर संतरा सर्दियों में बहुत अच्छा फल है। संतरे में मौजूद पोटैशियम व फोलिक एसिड, कैल्शियम, कोलेस्ट्रॉल, और ग्लूकोज हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है। इसे खाने से थकान एवं तनाव दूर होता है। यह दिल और दिमाग दोनों को ताजगी देता है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम और खनिज लवण दांतों और हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं। साथ ही यह इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रॉंग बनाता है। 

मुंह के छालों और दाद-खाज, खुजली को दूर करता है पीपल, जानें इसके 10 फायदे

मुंह के छालों और दाद-खाज, खुजली को दूर करता है पीपल, जानें इसके 10 फायदे
वेदों पुराणों से लेकर धार्मिक आस्थाओं तक, पीपल के वृक्ष का अत्यंत महत्व है। आम तौर पर सड़कों के किनारे, उद्यानों और मंदिरों के आस-पास इस वृक्ष को अक्सर देखा जा सकता है। सुदूर आदिवासी अंचलों में भी पीपल का धार्मिक महत्व तो है ही किंतु आदिवासी इस पेड़ के विभिन्न अंगों को रोग निवारण के लिए विभिन्न प्रकार के नुस्खों में इस्तेमाल भी करते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने गीता उपदेश में इस वृक्ष की महिमा का बखान करते हुए कहा है कि पीपल पेड़ों में उत्तम और दिव्य गुणों से सम्पन्न है और मैं स्वयं पीपल हूं। पीपल के औषधीय गुणों का बखान आयुर्वेद में भी देखा जा सकता है। आज हम आपको पीपल से जुड़े कुछ पारंपरिक नुस्खे बताने जा रहे हैं।
इसके सूखे फल मूत्र संबंधित रोगों के निवारण के लिए काफी कारगर माने जाते हैं। आदिवासी इसके सूखे फलों का चूर्ण तैयार कर प्रतिदिन एक चम्मच शक्कर या थोड़े से गुड़ के साथ मिलाकर रोगी को देते हैं। माना जाता है कि इससे पेशाब संबंधित समस्याओं, खासकर प्रोस्ट्रेट की समस्याओं में रोगी को बेहतर महसूस होता है।
मुंह के छालों और दाद-खाज, खुजली को दूर करता है पीपल, जानें इसके 10 फायदे

मुंह के छाले दूर करता है
मुंह में छाले हो जाने की दशा में यदि पीपल की छाल और पत्तियों के चूर्ण से कुल्ला किया जाए तो आराम मिलता है।
नपुंसकता दूर करता है
पीपल के फल, छाल, जडों और नई कलियों को एकत्र कर दूध में पकाया जाता है और फिर इसमें घी, शक्कर और शहद मिलाया जाता है, आदिवासियों के अनुसार यह मिश्रण नपुंसकता दूर करता है।
प्रेग्नेंट होने में  मदद करता है
पातालकोट जैसे आदिवासी बाहुल्य भागों में जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति नहीं हो रही हो, उन्हें पीपल वृक्ष पर लगे वान्दा (रसना) पौधे को दूध में उबालकर दिया जाता है। इनका मानना है कि यह दूध गर्भाशय की गरमी को दूर करता है जिससे महिला के गर्भवती होने की संभावना बढ़ जाती है।

गुजरात में भी आदिवासी इलाकों में इसकी कोमल जडों को उस महिला को दिया जाता है जो संतान प्राप्ति चाहती हैं, माना जाता है कि इन जडों के सेवन से महिला के गर्भधारण की गुंजाइश ज़्यादा हो जाती है, हालांकि इस तथ्य को लेकर किसी तरह के क्लीनिकल प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

दाद-खाज को दूर करता है
पीपल की एक विशेषता है कि यह चर्म-विकारों जैसे-कुष्ठरोग, फोड़े-फुन्सी, दाद-खाज और खुजली को खत्म करने में मदद करता है। डांगी आदिवासी पीपल की छाल घिसकर चर्म रोगों पर लगाने की राय देते हैं।
कुष्ठ रोग में पीपल के पत्तों को कुचलकर रोगग्रस्त स्थान पर लगाया जाता है तथा पत्तों का रस तैयार कर पिलाया जाता है।
दमा के रोगियों के लिए उपयोगी
आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार, यदि पीपल की पत्तियों के रस को दमा के रोगी को दिया जाए तो बहुत फायदा मिलता है।

मसूड़ों की समस्या दूर होती है
इसकी पत्तियों या छाल को कच्चा चबाने और चबाकर थूक देने से मसूड़ों से खून निकलने की समस्या में आराम मिलता है,आदिवासी मानते हैं कि इससे मुंह से दुर्गंध भी दूर होती है और यह जीभ का कट फट जाना भी ठीक कर देता है।
थकान मिटाने के लिए
पीपल के पेड़ से निकलने वाली गोंद को सेहत के लिए उत्तम माना जाता है, मिश्री या शक्कर के साथ करीब 1 ग्राम गोंद लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और यह थकान मिटाने के लिए कारगर नुस्खा माना जाता है।

Tuesday, October 28, 2014

खांसी और जुकाम से बचने के लिए

खांसी और जुकाम से बचने के लिए 15 HOME REMEDIES
सर्दियां शूरू हो चुकी हैं और हर बार की तरह अपने साथ सर्दी-जुकाम लेकर आई हैं। आजकल हर जगह लोग आपको छिंकते या खांसी करते नज़र आ जाएंगे। ऐसे में जरूरी है अपने आपको सुरक्षित रखा जाए। अगर आपको सर्दी हो गई है तो परेशान न हों। आज हम आपके लिए 15 ऐसे घरेलू उपाय लेकर आएं हैं। जिन्हें अपनाकर आपको सर्दी जुकाम से कुछ ही दिनों में राहत मिल जाएगी।   
 
1. थोडा अदरक, अजवाइन 1 चम्मच, लौंग 5, काली मिर्च 3, मैथी 1 चम्मच, तुलसी और पुदीना पत्ती 10 प्रत्येक इन सबका काढा बनाकर, खांडसारी मिलाकर दिन में दो बार आराम होने तक लेना चाहिए। 
 
2. किशमिश को पीस कर पामी के साथ पेस्ट बना लें। इसमें चीनी डालकर उबालें और ठंडा होने के लिए छोड़ दें। रोज रात में सोने से पहले एक चम्मच लेने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है।
 
3. अदरक के टुकडों का काढा 20 मिली से 30 मिली दिन में तीन बार लेने से सर्दी से आराम मिलता है।
खांसी और जुकाम से बचने के लिए 15 HOME REMEDIES
4. यदि नाक बंद है तो दालचीनी, कालीमिर्च, इलायची और जीरे को बराबर मात्रा में लेकर एक सूती कपड़ें में बांध लें औऱ इन्हें बार-बार सूंघें। इससे छींक आएगी और बंद नाक खुल जाएगी।
 
5. 10 ग्राम लहसुन को 1 कप दूध में 1/2 कप होने तक उबालें। इसे शाम को सोते समय या नाश्ते के पहले लें।
 
6. सर्दी जुकाम में तुलसी बहुत कारगर है। इसीलिए तुलसी के पत्तों को बचाकर खाएं या फिर पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर पीएं दोनों ही फायदा देती हैं। 
7. काली मिर्च जलाकर उसका धुआं सूंघने से बंद नाक खुलती है।
 
8. भिंडी का 50 मिली काढा दिन में तीन बार लेने से गले की खराश और सूखी खांसी में आराम मिलता है। 
 
9. खजूर को दूध के साथ उबाल कर पीएं, इससे ठंड में राहत मिलती है।
खांसी और जुकाम से बचने के लिए 15 HOME REMEDIES

Thursday, December 12, 2013

हार्ट अटैक

हार्ट अटैक: ना घबराये ......!!! सहज सुलभ उपाय .... 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता.... पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि लें। मांस, मछली, अंडे, शराब, धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें। नमक, चिकनाई का प्रयोग बंद कर दें। * अनार, पपीता, आंवला, बथुआ, लहसुन, मैथी दाना, सेब का मुरब्बा, मौसंबी, रात में भिगोए काले चने, किशमिश, गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें ...... तो अब समझ आया, भगवान ने पीपल के पत्तों को हार्टशेप क्यों बनाया