हार्ट अटैक: ना घबराये ......!!! सहज सुलभ उपाय .... 99 प्रतिशत
ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल
का पत्ता....
पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें
न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों।
प्रत्येक का ऊपर व नीचे
का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें
एक गिलास
पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने
पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े
की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक
तीन घंटे
बाद प्रातः
लें। हार्ट
अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह
दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ
हो जाता
है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती।
दिल के रोगी इस नुस्खे
का एक बार प्रयोग अवश्य
करें। * पीपल
के पत्ते
में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती
हैं। * खुराक
लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं
होना चाहिए,
बल्कि सुपाच्य
व हल्का
नाश्ता करने
के बाद ही लें। * प्रयोगकाल
में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस,
मछली, अंडे,
शराब, धूम्रपान
का प्रयोग
बंद कर दें। नमक, चिकनाई
का प्रयोग
बंद कर दें। * अनार, पपीता,
आंवला, बथुआ,
लहसुन, मैथी
दाना, सेब का मुरब्बा, मौसंबी,
रात में भिगोए काले चने, किशमिश, गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें । ...... तो अब समझ आया, भगवान
ने पीपल
के पत्तों
को हार्टशेप
क्यों बनाया
Thursday, December 12, 2013
Monday, November 25, 2013
रोजाना तुलसी को ऐसे खाने से इन रोगों का इलाज अपने आप हो जाता है
।हिन्दू धर्म में तुलसी को इसके अनगिनत औषधीय गुणों के कारण पूज्य माना गया है। यही कारण है कि हिन्दू धर्म में तुलसी से जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताएं है। हिन्दू धर्म में तुलसी को घर में लगाना अनिवार्य माना गया है। तुलसी केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं है। इस पौधे में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी तुलसी को महत्वपूर्ण माना गया है।तुलसी के कुछ पत्ते रोजाना खाने से बहुत सी बीमारियों का इलाज अपने आप हो जाता है।
सुबह पानी के साथ तुलसी की 5 पत्तियां निगलने से कई प्रकार की बीमारियां व संक्रामक रोग नहीं होंगे।
- तुलसी की जड़ का काढ़ा ज्वर (बुखार) नाशक होता है।
अल्सर और मुंह के अन्य संक्रमण में तुलसी की पत्तियां फायदेमंद साबित होती हैं।
- रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है।
तुलसी को थकान मिटाने वाली एक औषधि मानते है, इनके अनुसार अत्यधिक थकान होने पर तुलसी के पत्तियों और मंजरी के सेवन से थकान दूर हो जाती है।
औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है जिससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है। पातालकोट के आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार तुलसी के पत्तों को त्वचा पर रगड़ दिया जाए तो त्वचा पर किसी भी तरह के संक्रमण में आराम मिलता है।
कमर में दर्द हो रहा हो तो एक चम्मच तुलसी का रस लें।
- तुलसी का रस 10 ग्राम चावल के मांड के साथ सात दिन पीएं। प्रदर रोग ठीक होगा। लेकिन इस दौरान दूध और भात ही खाएं।
तुलसी,अदरक और मुलैठी को घोटकर शहद के साथ लेने से सर्दी के बुखार में आराम होता है।
- दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है।
Thursday, November 7, 2013
रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
हमारे आस-पास कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनका सेवन तो हम रोजाना करते हैं, लेकिन उनके गुणों से अनजान ही रहते हैं। आइए आज हम आपको ऐसी ही कुछ इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के बारे में बताते हैं जो कई गुणों से भरपूर हैं।
लगातार बैठ कर काम करने और खान-पान सावधानी नहीं रखने के कारण गैस की समस्या आज आम हो गई है। इस रोग में डकारें आना, पेट में गैस भरने से बेचैनी, घबराहट, छाती में जलन, पेट में गुड़गुडाहट, पेट व पीठ में हलका दर्द, सिर में भारीपन, आलस्य व थकावट तथा नाड़ी दुर्बलता जैस लक्षण देखने को मिलते हैं। कभी-कभी भूख नहीं लगने पर भी कुछ न कुछ खाने की बेवजह आदतों से भी पेट में एसिडिटी बनने लगती है।
यदि आप सही मायने में अपनी बीमारी कम करना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए कुछ कारगार नुस्खे अपनाने की जरूरत है। कुछ घरेलू नुस्खे भी है, जिनको अपनाकर आप कई बीमारियां कम कर सकते हैं।
पान के पत्तों पर हल्का-सा तेल लगा लें। फिर गैस पर गर्म करें। इसे मोच वाले स्थान पर लगाने से दर्द से राहत मिलती है और सूजन भी कम होगी।
अचानक हाथ जल जाने पर बहुत तेज जलन होने की स्थिति में प्याज को आधा काटकर जलन वाले स्थान पर लगाएं। जलन कम होगी।
खाना खाने के बाद एक लहसुन की कली को चार मुनक्का के साथ लेने से बार-बार होने वाली गैस की समस्या से छुटकारा मिलेगा। पेट दर्द में भी राहत मिलेगी।
जुकाम होने पर अदरक पाउडर, घी और गुड़ समान मात्रा में लेकर मिलाएं और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। जुकाम जल्द ही ठीक हो जाएगा।
तिल के तेल में कालीमिर्च पाउडर मिलाकर गर्म करें। इससे पक्षाघात में निष्क्रिय हुए हिस्सों की नियमित रूप से मालिश करें। फायदा नजर आएगा।
दाद होने पर सूखी नीम व हल्दी पाउडर समान मात्रा में सरसों के तेल में मिलाएं। इसे एक घंटा लगाकर धो लें। दाद ठीक होने तक रोज लगाएं।
चंदन पाउडर में दूध और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। एक्जिमा के स्थान पर लगाएं। सूखने पर गुनगुने पानी से नहाएं। कुछ दिनों में एक्जिमा ठीक होगा।
Wednesday, October 30, 2013
पेट होगा ठीक
अगर पेट खराब हो गया है तो पुदीने की ताजी पत्तियों को काटकर पांच मिनट उबालें। इस मिंट टी को पीने से पेट को आराम मिलेगा।
झड़ जाएंगे मस्से
अरंडी के तेल में बेकिंग सोडा मिलाकर रात को मस्सों पर लगाकर सो जाएं। नियमित रूप से लगाने से धीरे-धीरे मस्से खत्म हो जाते हैं।
लगने लगेगी भूख
अगर भूख न लग रही हो तो अदरक को बारीक कीसकर उसमें नमक मिलाएं और आठ दिन तक रोजाना दिन में एक बार खाएं। इससे पेट साफ होगा और भूख लगने लगेगी।
पीलिया में गाजर का फायदा
पीलिया होने पर गाजर और गोभी का रस मिलाकर पीना चाहिए। विशेष रूप से गोभी का रस पीलिया में बहुत फायदेमंद है। इसे लेने से पीलिया ठीक होता है।
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