Friday, October 31, 2014

मुंह के छालों और दाद-खाज, खुजली को दूर करता है पीपल, जानें इसके 10 फायदे

मुंह के छालों और दाद-खाज, खुजली को दूर करता है पीपल, जानें इसके 10 फायदे
वेदों पुराणों से लेकर धार्मिक आस्थाओं तक, पीपल के वृक्ष का अत्यंत महत्व है। आम तौर पर सड़कों के किनारे, उद्यानों और मंदिरों के आस-पास इस वृक्ष को अक्सर देखा जा सकता है। सुदूर आदिवासी अंचलों में भी पीपल का धार्मिक महत्व तो है ही किंतु आदिवासी इस पेड़ के विभिन्न अंगों को रोग निवारण के लिए विभिन्न प्रकार के नुस्खों में इस्तेमाल भी करते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने गीता उपदेश में इस वृक्ष की महिमा का बखान करते हुए कहा है कि पीपल पेड़ों में उत्तम और दिव्य गुणों से सम्पन्न है और मैं स्वयं पीपल हूं। पीपल के औषधीय गुणों का बखान आयुर्वेद में भी देखा जा सकता है। आज हम आपको पीपल से जुड़े कुछ पारंपरिक नुस्खे बताने जा रहे हैं।
इसके सूखे फल मूत्र संबंधित रोगों के निवारण के लिए काफी कारगर माने जाते हैं। आदिवासी इसके सूखे फलों का चूर्ण तैयार कर प्रतिदिन एक चम्मच शक्कर या थोड़े से गुड़ के साथ मिलाकर रोगी को देते हैं। माना जाता है कि इससे पेशाब संबंधित समस्याओं, खासकर प्रोस्ट्रेट की समस्याओं में रोगी को बेहतर महसूस होता है।
मुंह के छालों और दाद-खाज, खुजली को दूर करता है पीपल, जानें इसके 10 फायदे

मुंह के छाले दूर करता है
मुंह में छाले हो जाने की दशा में यदि पीपल की छाल और पत्तियों के चूर्ण से कुल्ला किया जाए तो आराम मिलता है।
नपुंसकता दूर करता है
पीपल के फल, छाल, जडों और नई कलियों को एकत्र कर दूध में पकाया जाता है और फिर इसमें घी, शक्कर और शहद मिलाया जाता है, आदिवासियों के अनुसार यह मिश्रण नपुंसकता दूर करता है।
प्रेग्नेंट होने में  मदद करता है
पातालकोट जैसे आदिवासी बाहुल्य भागों में जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति नहीं हो रही हो, उन्हें पीपल वृक्ष पर लगे वान्दा (रसना) पौधे को दूध में उबालकर दिया जाता है। इनका मानना है कि यह दूध गर्भाशय की गरमी को दूर करता है जिससे महिला के गर्भवती होने की संभावना बढ़ जाती है।

गुजरात में भी आदिवासी इलाकों में इसकी कोमल जडों को उस महिला को दिया जाता है जो संतान प्राप्ति चाहती हैं, माना जाता है कि इन जडों के सेवन से महिला के गर्भधारण की गुंजाइश ज़्यादा हो जाती है, हालांकि इस तथ्य को लेकर किसी तरह के क्लीनिकल प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

दाद-खाज को दूर करता है
पीपल की एक विशेषता है कि यह चर्म-विकारों जैसे-कुष्ठरोग, फोड़े-फुन्सी, दाद-खाज और खुजली को खत्म करने में मदद करता है। डांगी आदिवासी पीपल की छाल घिसकर चर्म रोगों पर लगाने की राय देते हैं।
कुष्ठ रोग में पीपल के पत्तों को कुचलकर रोगग्रस्त स्थान पर लगाया जाता है तथा पत्तों का रस तैयार कर पिलाया जाता है।
दमा के रोगियों के लिए उपयोगी
आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार, यदि पीपल की पत्तियों के रस को दमा के रोगी को दिया जाए तो बहुत फायदा मिलता है।

मसूड़ों की समस्या दूर होती है
इसकी पत्तियों या छाल को कच्चा चबाने और चबाकर थूक देने से मसूड़ों से खून निकलने की समस्या में आराम मिलता है,आदिवासी मानते हैं कि इससे मुंह से दुर्गंध भी दूर होती है और यह जीभ का कट फट जाना भी ठीक कर देता है।
थकान मिटाने के लिए
पीपल के पेड़ से निकलने वाली गोंद को सेहत के लिए उत्तम माना जाता है, मिश्री या शक्कर के साथ करीब 1 ग्राम गोंद लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और यह थकान मिटाने के लिए कारगर नुस्खा माना जाता है।

Tuesday, October 28, 2014

खांसी और जुकाम से बचने के लिए

खांसी और जुकाम से बचने के लिए 15 HOME REMEDIES
सर्दियां शूरू हो चुकी हैं और हर बार की तरह अपने साथ सर्दी-जुकाम लेकर आई हैं। आजकल हर जगह लोग आपको छिंकते या खांसी करते नज़र आ जाएंगे। ऐसे में जरूरी है अपने आपको सुरक्षित रखा जाए। अगर आपको सर्दी हो गई है तो परेशान न हों। आज हम आपके लिए 15 ऐसे घरेलू उपाय लेकर आएं हैं। जिन्हें अपनाकर आपको सर्दी जुकाम से कुछ ही दिनों में राहत मिल जाएगी।   
 
1. थोडा अदरक, अजवाइन 1 चम्मच, लौंग 5, काली मिर्च 3, मैथी 1 चम्मच, तुलसी और पुदीना पत्ती 10 प्रत्येक इन सबका काढा बनाकर, खांडसारी मिलाकर दिन में दो बार आराम होने तक लेना चाहिए। 
 
2. किशमिश को पीस कर पामी के साथ पेस्ट बना लें। इसमें चीनी डालकर उबालें और ठंडा होने के लिए छोड़ दें। रोज रात में सोने से पहले एक चम्मच लेने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है।
 
3. अदरक के टुकडों का काढा 20 मिली से 30 मिली दिन में तीन बार लेने से सर्दी से आराम मिलता है।
खांसी और जुकाम से बचने के लिए 15 HOME REMEDIES
4. यदि नाक बंद है तो दालचीनी, कालीमिर्च, इलायची और जीरे को बराबर मात्रा में लेकर एक सूती कपड़ें में बांध लें औऱ इन्हें बार-बार सूंघें। इससे छींक आएगी और बंद नाक खुल जाएगी।
 
5. 10 ग्राम लहसुन को 1 कप दूध में 1/2 कप होने तक उबालें। इसे शाम को सोते समय या नाश्ते के पहले लें।
 
6. सर्दी जुकाम में तुलसी बहुत कारगर है। इसीलिए तुलसी के पत्तों को बचाकर खाएं या फिर पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर पीएं दोनों ही फायदा देती हैं। 
7. काली मिर्च जलाकर उसका धुआं सूंघने से बंद नाक खुलती है।
 
8. भिंडी का 50 मिली काढा दिन में तीन बार लेने से गले की खराश और सूखी खांसी में आराम मिलता है। 
 
9. खजूर को दूध के साथ उबाल कर पीएं, इससे ठंड में राहत मिलती है।
खांसी और जुकाम से बचने के लिए 15 HOME REMEDIES

Thursday, December 12, 2013

हार्ट अटैक

हार्ट अटैक: ना घबराये ......!!! सहज सुलभ उपाय .... 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता.... पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शराब, धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें। नमक, चिकनाई का प्रयोग बंद कर दें। * अनार, पपीता, आंवला, बथुआ, लहसुन, मैथी दाना, सेब का मुरब्बा, मौसंबी, रात में भिगोए काले चने, किशमिश, गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें । ...... तो अब समझ आया, भगवान ने पीपल के पत्तों को हार्टशेप क्यों बनाया

 

Monday, November 25, 2013

रोजाना तुलसी को ऐसे खाने से इन रोगों का इलाज अपने आप हो जाता है

रोजाना तुलसी को ऐसे खाने से इन रोगों का इलाज अपने आप हो जाता है

।हिन्दू धर्म में तुलसी को इसके अनगिनत औषधीय गुणों के कारण पूज्य माना गया है। यही कारण है कि हिन्दू धर्म में तुलसी से जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताएं है। हिन्दू धर्म में तुलसी को घर में लगाना अनिवार्य माना गया है। तुलसी केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं है। इस पौधे में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी तुलसी को महत्वपूर्ण माना गया है।तुलसी के कुछ पत्ते रोजाना खाने से बहुत सी बीमारियों का इलाज अपने आप हो जाता है।

सुबह पानी के साथ तुलसी की 5 पत्तियां निगलने से कई प्रकार की बीमारियां व संक्रामक रोग नहीं होंगे।
- तुलसी की जड़ का काढ़ा ज्वर (बुखार) नाशक होता है।
रोजाना तुलसी को ऐसे खाने से इन रोगों का इलाज अपने आप हो जाता है

अल्सर और मुंह के अन्य संक्रमण में तुलसी की पत्तियां फायदेमंद साबित होती हैं।
- रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है।

तुलसी को थकान मिटाने वाली एक औषधि मानते है, इनके अनुसार अत्यधिक थकान होने पर तुलसी के पत्तियों और मंजरी के सेवन से थकान दूर हो जाती है।

 औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है जिससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है। पातालकोट के आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार तुलसी के पत्तों को त्वचा पर रगड़ दिया जाए तो त्वचा पर किसी भी तरह के संक्रमण में आराम मिलता है।

कमर में दर्द हो रहा हो तो एक चम्मच तुलसी का रस लें।
- तुलसी का रस 10 ग्राम चावल के मांड के साथ सात दिन पीएं। प्रदर रोग ठीक होगा। लेकिन इस दौरान दूध और भात ही खाएं।
तुलसी,अदरक और मुलैठी को घोटकर शहद के साथ लेने से सर्दी के बुखार में आराम होता है।
- दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है।

रोजाना तुलसी को ऐसे खाने से इन रोगों का इलाज अपने आप हो जाता है

Thursday, November 7, 2013

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
हमारे आस-पास कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनका सेवन तो हम रोजाना करते हैं, लेकिन उनके गुणों से अनजान ही रहते हैं। आइए आज हम आपको ऐसी ही कुछ इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के बारे में बताते हैं जो कई गुणों से भरपूर हैं। 
लगातार बैठ कर काम करने और खान-पान सावधानी नहीं रखने के कारण गैस की समस्या आज आम हो गई है। इस रोग में डकारें आना, पेट में गैस भरने से बेचैनी, घबराहट, छाती में जलन, पेट में गुड़गुडाहट, पेट व पीठ में हलका दर्द, सिर में भारीपन, आलस्य व थकावट तथा नाड़ी दुर्बलता जैस लक्षण देखने को मिलते हैं। कभी-कभी भूख नहीं लगने पर भी कुछ न कुछ खाने की बेवजह आदतों से भी पेट में एसिडिटी बनने लगती है।
यदि आप सही मायने में अपनी बीमारी कम करना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए कुछ कारगार नुस्खे अपनाने की जरूरत है।  कुछ घरेलू नुस्खे भी है, जिनको अपनाकर आप कई बीमारियां कम कर सकते हैं।
रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
पान के पत्तों पर हल्का-सा तेल लगा लें। फिर गैस पर गर्म करें। इसे मोच वाले स्थान पर लगाने से दर्द से राहत मिलती है और सूजन भी कम होगी। 

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत

अचानक हाथ जल जाने पर बहुत तेज जलन होने की स्थिति में प्याज को आधा काटकर जलन वाले स्थान पर लगाएं। जलन कम होगी।

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
खाना खाने के बाद एक लहसुन की कली को चार मुनक्का के साथ लेने से बार-बार होने वाली गैस की समस्या से छुटकारा मिलेगा। पेट दर्द में भी राहत मिलेगी। 

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत

जुकाम होने पर अदरक पाउडर, घी और गुड़ समान मात्रा में लेकर मिलाएं और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। जुकाम जल्द ही ठीक हो जाएगा।

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत

तिल के तेल में कालीमिर्च पाउडर मिलाकर गर्म करें। इससे पक्षाघात में निष्क्रिय हुए हिस्सों की नियमित रूप से मालिश करें। फायदा नजर आएगा।
रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
दाद होने पर सूखी नीम व हल्दी पाउडर समान मात्रा में सरसों के तेल में मिलाएं। इसे एक घंटा लगाकर धो लें। दाद ठीक होने तक रोज लगाएं।

रोजाना ऐसा करने नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
चंदन पाउडर में दूध और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। एक्जिमा के स्थान पर लगाएं। सूखने पर गुनगुने पानी से नहाएं। कुछ दिनों में एक्जिमा ठीक होगा।

Wednesday, October 30, 2013

पेट होगा ठीक

रात को नारियल का तेल लगाने से दूर होती हैं प्रेग्नेंसी के बाद की ये समस्या!
अगर पेट खराब हो गया है तो पुदीने की ताजी पत्तियों को काटकर पांच मिनट उबालें। इस मिंट टी को पीने से पेट को आराम मिलेगा।

झड़ जाएंगे मस्से

रात को नारियल का तेल लगाने से दूर होती हैं प्रेग्नेंसी के बाद की ये समस्या!
अरंडी के तेल में बेकिंग सोडा मिलाकर रात को मस्सों पर लगाकर सो जाएं। नियमित रूप से लगाने से धीरे-धीरे मस्से खत्म हो जाते हैं।